क्षेत्र के लोग हमारे परिवार जैसे मदद में कोई भेदभाव नही की जाएगी– शमीम
चंदौली । मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित है। जिसमें बहादुरपुर, कुंडा कला,कुंडा खुर्द, शकूराबाद और मवई इत्यादि गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हो रहें हैं। बाढ़ के पानी से किसानों फसल, घर द्वार,जानवर को रखने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। जिस रफ्तार में गंगा बढ़ रही है इसको देख कर किसान अपनी फसल को लेकर बहुत परेशान हैं । जनप्रतिनिधि के साथ ही जिले के आलाधिकारी भी लगातार तटवर्ती क्षेत्रो का दौरा कर रहे है । वहीं तटवर्ती क्षेत्र में पड़ने वाले गांवों के लोगो मे चिंता की लकीरें भी साफ देखने को मिल रही है । जसकी सुधि लेने के लिए पूर्व सांसद रामकिशुन यादव सहित जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि शमीम सिद्दकी ने गंगा के किनारे स्थित बहादुरपुर, सुजाबाद, कुंडा खुर्द सहित अन्य गांवों का दौरा करने के साथ ही बाढ़ से प्रभावित लोगों का हाल जाना और हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया । इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि शमीम सिद्दकी ने कहा कि बाढ़ से पीड़ित लोग बिल्कुल परेशान न हो आपलोगो की हर संभव मदद की जाएगी । यहां की जनता मेरे परिवार के सदस्य की तरह है । किसी के साथ कोई भी भेदभाव नही की जाएगी ।

उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि हम सरकार से भी हर संभव मदद कराने की गुहार करेंगे । वरिष्ठ सपा नेता शमीम ने कहा कि गंगा के किनारे बसे बहादुरपुर गावँ के कई घरों में पानी घुस गया है । गंगा का बढ़ाव निरंतर जारी है । यही स्थिति रही तो चौरहट, डोमरी, रतनपुर, मढिया, कुंडा खुर्द सहित दर्जनों गांवों के घरों में पानी घुस जाएगा । कहा कि अपने स्तर से बाढ़ से प्रभावित लोगों को चिन्हित करने के साथ ही उन्हें हर संभव मदद कराने का प्रयास करूंगा । बताते चले कि क्षेत्र में शमीम को नेताजी के नाम से लोग संबोधित करते है और क्षेत्र की जनता के साथ उनका गहरा लगाव है । जब कोई कष्ट में रहता है तो नेताजी सबसे पहले उसकी मदद को आगे बढ़ जाते है और उसकी हर सम्भव मदद भी करते है । कई बार देखा गया कि नेताजी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो के लिए खुद नाव पर राहत सामग्री लेकर एक एक घर मे समान पहुंचाने का कार्य करते है ।

इस दौरान बाबूलाल यादव , महेंद्र यादव , रिंकू , सिब्बल, समीर, नन्हे खान, साहिल , रविन्द्र सिंह , सजील जमाल अंसारी, राजू , रुस्तम सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।