कई दसको से चल रहा है तेल का खेल सीबीआई भी मार चुकी है छापा

चन्दौली । जनपद के अलीनगर थाना अंतर्गत बिछड़ी और इंदिरा आवास क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे तेल कटिंग के कारोबार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध तेल बरामद किया । पुलिस के इस करवाई से अवैध तेल माफियाओ में हड़कंप मच गया है ।
मिली जानकारी के अनुसार बहुत पहले से ही पुलिस को अवैध तेल कटिंग को लेकर सूचना मिल रही थी । जिसपर मुखबीर की सूचना पर डीडीयू क्षेत्राधिकारी राजीव सिसोदिया व अलीनगर थाना प्रभारी बिनोद मिश्रा ने अपनी टीम के साथ अलीनगर के
बिछड़ी और इंदिरा आवास क्षेत्र के एक पुराने संदिग्ध गोदाम पर छापेमारी की, दोनों जगहों से लगभग 250-250 लीटर अवैध तेल और उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पूर्ति विभाग को सुपुर्द कर दिया । पुलिस के इस करवाई से  तेल चोरों में हड़कंप मचा है । वहीं  न जाने कैसे तेल चोर को छापेमारी की सूचना मिल गयी कि पुलिस के पहुचने के पहले ही तेल चोर वहां से भाग गए।

बताते चले कि तेल और कोल के लिए विख्यात मुगलसराय में अवैध धंधा खूब फलफूल रहा है। अलीनगर में मौजूद एशिया के सबसे बड़े ऑयल डीपो से तेल की चोरी का खेल बदस्तूर जारी है। रोजाना लाखों रुपये के तेल की कालाबाजारी हो रही है। इसमें शामिल कितने लोग आज करोड़पति बन बैठे हैं। ऐसा नहीं है कि यह गोरखधंधा किसी को मालूम नहीं है। हिस्सा तय होने से इसे कोई उजागर नहीं करता है। चाहे पुलिस विभाग हो या खुद ऑयल कंपनी के छोटे-बड़े ऑफिसर्स तेल माफियाओं के साथ इनके सिंडिकेट को तोड़ पाना आसान नहीं है।

डिपो से निकलते ही शुरू हो जाता है खेल

अलीनगर स्थित डिपो से सैकड़ो टैंकर प्रतिदिन दूसरे राज्यो के लिए निकलती है । निकलने के साथ ही तेल माफिया एक्टिव हो जाते हैं। उनके गुर्गे किसी सुनसान स्थान पर टैंकर को रोक कर उसमें मौजूद तेल की चोरी करते हैं मिलावटी तेल टैंकर में डालकर उसे गंतव्य के लिए रवाना कर दिया जाता है। टैंकर ड्राइवर तय पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते हजारों बार ब्रेक का यूज करता है ताकि तेल में झाग बने और जब डीप राड से तेल की नपाई हो तो पूरा बताए।

राजनीति में भी है दखल

तेल माफियाओ का संबंध राजनीति में भी खूब है । लाखो की रोज कमाई पर
लगभग दो दर्जन से अधिक तेल माफिया कई दशक से इस खेल में शामिल है। इस खेल को रोकने के लिए आयल डीपो के कुछ अधिकारी काफी एक्टिव भी हुये थे लेकिन तेल माफियाओं की दबगंई और राजनीति में अच्छी पकड़ के चलते कुछ नहीं हो सका।

सीबीआई भी हुई फेल

कुछ वर्ष पहले नई दिल्ली और लखनऊ की सीबीआई टीम ने तीन बड़े तेल माफियाओं के ठिकानों पर छापेमारी करके मिलावटी डीजल से भरा टैंकर पकड़ा था। बावजूद तेल का धंधा आज भी वैसे ही जारी है।

रामनगर बन गया है हब

अलीनगर से रामनगर-टेंगरा मोड़ तक दो दर्जन से अधिक तेल के अवैध गोदाम बने हुये हैं। ऑयल कम्पनीज ने तेल की चोरी रोकने के लिए टैंकर्स को जीपीएस से लैस कर दिया। यह भी कारगर नहीं हो पाया। ऑयल बॉक्स को सील किया जाता है। लेकिन तेल माफियाओं ने इसका भी काट खोल निकाला। सील लगा ताला खोलने के लिए तीसरी चाभी का इजाद कर लिया है। चाभी बनवाने के लिए लाखो रुपये तक की खर्च आती है।

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