माँ संस्कारों की प्रथम शिल्पकार होती है इसलिए माँ का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है
चन्दौली । मदर डे के अवसर पर सांसद डॉ बिनोद बिंद ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि मेरी माँ ने मेरी सफलता और खुशी के लिए अनगिनत त्याग किए। वो देवी हैं जिन्होंने मेरे जीवन के लिए अपना जीवन, खुशी और सब कुछ त्याग दिया। हर माँ ने अपने बच्चे के लिए त्याग किया है और निस्संदेह अभी भी त्याग कर रही है । सांसद डॉ बिनोद बिंद ने अपनी माता के साथ पुरानी यादगार तस्वीर को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा है या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः । परिवार की एकता एवं सुमति की सेतु माँ, संस्कारों की प्रथम शिल्पकार होती है। माँ हमें जीवन देने के साथ ही उसे अर्थमय भी बनाती है। समस्त मातृशक्ति का वंदन-अभिनंदन ।
उन्होंने कहा आज मातृ दिवस है। ऐसा दिन जिसे हमें अपनी माताओं के साथ बिताना चाहिए और उन्हें प्रसन्न करना चाहिए।डॉ बिंद ने यह भी कहा कि मातृ दिवस पर प्रेम का संदेश साझा करना एक शांतिपूर्ण विश्व के निर्माण में सहायक हो सकता है। उन्होंने सभी को मातृ दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा माँ का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है। वह हमें सिर्फ जन्म ही नहीं देतीं, बल्कि वह हमें संस्कार, प्रेम और आत्मविश्वास से भी भरती हैं। मां अपने बच्चों के लिए सब कुछ त्याग देती हैं और बच्चों की खुशी के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं। ऐसे में मां के इसी त्याग, प्रेम और समर्पण को सम्मान देने के लिए हर साल मदर्स डे मनाया जाता है।